पाकिस्तान के पीएम को हामिद करजई का जवाब, हाफिज सईद के खिलाफ ढेर सारे सबूत
जमात-उद-दावा (जेयूडी) को लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का सहयोगी संगठन माना जाता है. 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए लश्कर ही जिम्मेदार था. इन हमलों में 166 लोगों की जान चली गई थी. अमेरिका ने जून 2014 में लश्कर-ए-तैयबा को विदेशी आतंकी संगठन करार दिया था.
प्रतीकात्मक तस्वीर — डेमो साइट
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित
के खिलाफ बहुत सारे सबूत हैं. कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने 2008 के मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सईद को क्लीनचिट दे दी थी.
जमात-उद-दावा (जेयूडी) को लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का सहयोगी संगठन माना जाता है. 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए लश्कर ही जिम्मेदार था. इन हमलों में 166 लोगों की जान चली गई थी. अमेरिका ने जून 2014 में लश्कर-ए-तैयबा को विदेशी आतंकी संगठन करार दिया था.
करजई से जब रायसीना संवाद से इतर सईद को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री द्वारा क्लीनचिट दिए जाने के बारे में पूछा गया तो पूर्व अफगान राष्ट्रपति ने संवाददाताओं से कहा, 'ओह. कई सारे सबूत हैं. और सभी को पता है.' अब्बासी ने मंगलवार को जियो टीवी पर एक इंटरव्यू में था और कहा था कि हाफिज सईद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती क्योंकि पाकिस्तान में उसके खिलाफ कोई केस नहीं है.
जमात उद दावा प्रमुख सईद को नवंबर में ही पाकिस्तान नजरबंदी से रिहा किया गया था. तब से वह पाकिस्तानी राजनीति में आने की कोशिश में है.